एमजीएम हेल्थकेयर मलार, अड्यार में गंभीर लिवर जटिलताओं से जूझ रहे 8 महीने के शिशु का जीवनरक्षक लिवर प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किया
चेन्नई, भारत, 12 मार्च, 2026 /PRNewswire/ -- 5.5 किलोग्राम वज़न वाले 8 महीने के एक शिशु को, जो क्रॉनिक लिवर डिज़ीज़ (सीएलडी) और एक्स्ट्राहेपेटिक बाइलियरी एट्रेसिया (ईएचबीए) से पीड़ित था, अत्यंत गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया। बच्चा लिवर की गंभीर जटिलताओं से पीड़ित था, जिनमें बार-बार पेट में पानी भरना (मल्टीपल एसाइटिस), बार-बार होने वाला कोलांगाइटिस, पीलिया, वज़न का ठीक से न बढ़ना और बार-बार होने वाले संक्रमण शामिल थे, ऐसी स्थिति में उसकी जान बचाने और उसके समुचित विकास व स्वस्थ होने के लिए तत्काल चिकित्सकीय उपचार अत्यंत आवश्यक हो गया था।
बच्चे के पिता ने जीवित लिवर डोनर के रूप में आगे आकर अंगदान किया, जिससे एमजीएम हेल्थकेयर मलार, अड्यार की मल्टीविसरल ट्रांसप्लांट टीम को यह जटिल लिवर प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक करने में सहायता मिली। इस प्रक्रिया की सावधानीपूर्वक योजना बनाई गई और इसे अत्यंत सटीकता के साथ संपन्न किया गया, जिससे शिशु की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए सर्वोत्तम चिकित्सकीय परिणाम प्राप्त किए जा सके।
"इतने छोटे और कम वज़न वाले बच्चे का लिवर प्रत्यारोपण करना बहुत चुनौतीपूर्ण होता है। आम तौर पर हम बच्चे के वज़न बढ़ने का इंतजार करते हैं, लेकिन उसकी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, तत्काल कदम उठाना आवश्यक था। हमारी मल्टीडिसिप्लिनरी टीम की समर्पित मेहनत और उत्कृष्ट समन्वय के कारण सर्जरी सफल रही, और बच्चा अब स्वस्थ हो रहा है," यह कहना है डॉ. अनिल वैद्य, एमडी, चेयर और डायरेक्टर, इंस्टीट्यूट ऑफ मल्टी-विसरल एंड एब्डॉमिनल ऑर्गन ट्रांसप्लांट, एमजीएम हेल्थकेयर मलार, अड्यार का।
प्रत्यारोपण प्रक्रिया एक कुशल मल्टीडिसिप्लिनरी टीम द्वारा संपन्न की गई, जिसमें मल्टी-विसरल और एब्डॉमिनल ऑर्गन ट्रांसप्लांट, पीडियाट्रिक्स और नियोनाटोलॉजी, मेडिकल, और इंटरवेंशनल गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विशेषज्ञ शामिल थे। मल्टी-विसरल और एब्डॉमिनल ऑर्गन ट्रांसप्लांट टीम को डॉ. अनिल वैद्य, एमडी, चेयर और डायरेक्टर; डॉ. सेंथिल मुथुरामन, सीनियर कंसल्टेंट, मल्टी-विसरल और एब्डॉमिनल ऑर्गन ट्रांसप्लांट; और डॉ. वेंकटेश बी.एस., कंसल्टेंट, मल्टी-विसरल और एब्डॉमिनल ऑर्गन ट्रांसप्लांट ने लीड किया। एनेस्थीसिया का प्रबंधन डॉ. दिनेश बाबू, सीनियर कंसल्टेंट, एनेस्थीसियोलॉजी और डॉ. सरवनन, सीनियर कंसल्टेंट, एनेस्थीसियोलॉजी द्वारा किया गया। पीडियाट्रिक्स और नियोनाटोलॉजी टीम में शामिल थे डॉ. अरुण कुमार, लीड कंसल्टेंट – पीडियाट्रिक्स और नियोनाटोलॉजी; डॉ. एन.के.वी. विघ्नेश्वर, एसोसिएट कंसल्टेंट – पीडियाट्रिक्स और नियोनाटोलॉजी; और डॉ. कविता संपतकुमार, सीनियर कंसल्टेंट – मेडिकल और इंटरवेंशनल गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी और हेपेटोलॉजी। ऑपरेशन के बाद की देखभाल की देखरेख मल्टीडिसिप्लिनरी आईसीयू टीमों ने की।
श्री वेणुगोपाल भट, सीओओ और वाइस प्रेसिडेंट – ग्रुप स्ट्रेटेजिक इनिशिएटिव्स, एमजीएम हेल्थकेयर मलार, अड्यार ने कहा, "हमें इस दुर्लभ और जटिल उपलब्धि को हासिल करने पर अत्यंत गर्व है। यह सफल सर्जरी हमारी मल्टीडिसिप्लिनरी टीमों के बीच आसान तालमेल को दिखाती है, और प्रमाणित करती है कि बच्चों की लिवर की गंभीर बीमारियों का प्रबंधन विशेषज्ञ देखभाल और समय पर उपचार के माध्यम से प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।
बच्चा लगातार निगरानी में रहते हुए ठीक हो रहा है, और उसकी सेहत में निरंतर सुधार देखा जा रहा है। एमजीएम हेल्थकेयर मलार, अड्यार, गंभीर रूप से बीमार बच्चों के लिए अत्याधुनिक बाल चिकित्सा और लिवर प्रत्यारोपण संबंधी सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सीय परिणाम मिल सकें।
एमजीएम हेल्थकेयर मलार, अड्यार, 180-बेड वाला तृतीयक देखभाल अस्पताल है, जो 30+ विभिन्न विशेषज्ञताओं में व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराता है। अड्यार के केंद्र में स्थित, इस सात मंज़िला अस्पताल में 60 आईसीयू बिस्तर और पांच अत्याधुनिक ऑपरेटिंग थिएटर मौजूद हैं। डिजिटल पैनल कैथ लैब, एंडोस्कोपी और डायालिसिस यूनिट, अल्ट्रा लो डोज़ सीटी, एआई-संचालित एडवांस्ड इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी (एआईआर) क्लिनिक और रोबोटिक-सहायता प्राप्त घुटने प्रत्यारोपण तकनीक जैसी अत्याधुनिक तकनीक से लैस, हम ईमानदारी, उत्कृष्टता, सहानुभूति, और इनोवेशन पर आधारित विश्व स्तरीय रोगी-केंद्रित देखभाल प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
एमजीएम मलार – अड्यार, चेन्नई में मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल
फ़ोटो: https://mma.prnewswire.com/media/2922157/MGM_Healthcare_Malar.jpg
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