Aster MIMS Hospital, कालीकट ने भारत का दूसरा और दक्षिण भारत का पहला 4-वे किडनी स्वैप ट्रांसप्लांट किया
- 4 रोगियों और उनके परिवारों को नई जिंदगी का उपहार देते हुए इस प्रक्रिया ने अनुकूल गुर्दों (किडनी) की कमी की महत्त्वपूर्ण समस्या का भी एक समाधान उपलब्ध कराया है, जिसे भारत में किडनी विफलता से ग्रस्त रोगियों के लिए उपयोग किय जा सकता है।
- हाल की रिपोर्टों के अनुसार, भारत में किडनी ट्रांसप्लांट की वार्षिक आवश्यकता 1-2 लाख के बीच संभावित है, जबकि वास्तविकता में केवल 5000 हो पाते हैं।[1] Kerala Network for Organ Sharing (KNOS) के अनुसार, राज्य में 1780 रोगी किडनी ट्रांसप्लांट के लिए इंतज़ार कर रहे हैं [2]
कालीकट, भारत, 27 जुलाई, 2020 /PRNewswire/ -- किडनी ट्रांसप्लांट की ज़रूरत वाले 4 रोगियों को चार दयालु दानदाताओं के साथ अनुकूलता के अनुसार क्रॉस-मैचिंग के माध्यम से जोड़ने वाली एक अभिनव प्रक्रिया के माध्यम से Aster MIMS Hospital- कालीकट में 4 लोगों की जीवनरक्षा में मदद मिली है, जो कि भारत में किसी एक चिकित्सा इकाई द्वारा दूसरी बार संपन्न की गई एक जटिल प्रक्रिया है। सफलतापूर्वक 8 सर्जरी करने वाली रेनल ट्रांसप्लांट टीम ने वर्तमान COVID-19 महामारी के दौरान सभी अतिरिक्त चिकित्सकीय नियमों का पालन करते हुए यह सुनिश्चित किया कि प्राप्तकर्ता और दाता सफलतापूर्वक रिकवर हो सकें, इसके लिए उन्हें केरल की माननीय स्वास्थ्य मंत्री Smt. KK Shailaja द्वारा विशेष सराहना भी प्राप्त हुई है। 4-वे स्वैप ट्रांसप्लांट प्रक्रिया ने अंतिम चरण वाली गुर्दा विफलता वाले मामलों में जीवनरक्षा हेतु एक प्रभावी समाधान की संभावनाएं खोल दी हैं, ऐसे अधिकांश मामले किडनी के पुराने रोगों के कारण होते हैं, जिनके कारण भारत में हर वर्ष 1.36 लाख वयस्कों की मृत्यु हो जाती है। [3]
इस प्रक्रिया की शुरुआत तब हुई जब दो महिला संवेदीकृत रि-ट्रांसप्लांट रोगी, अस्पताल में स्वस्थ दानदाताओं के साथ उपस्थित हुईं। दोनों दाताओं का ब्लड ग्रुप O+ था जो उन्हें सार्वभौमिक दाता बनाता था। अनुकूल दाताओं की खोज में 6 महीनों तक क्रॉस मैचिंग के अनेक सत्रों के बाद दो महिला रोगियों, और एक प्राप्तकर्ता-दाता स्वयंसेवीह जोड़े को प्रक्रिया हेतु चिन्हित किया गया। प्रक्रिया के दौरान एक ABO प्रतिकूल जोडे को ABO अनुकूल जोड़े में बदला गया, जिसके माध्यम से ट्रांसप्लांट टीम चौथा ट्रांसप्लांट कर सकी।
इस प्रक्रिया के बारे में अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए Dr. Sajith Narayanan, सीनियर कंसल्टैंट, नेफ्रोलॉजी विभाग ने बताया कि, "स्वैप ट्रांसप्लांट की सफलता, नेफ्रोलॉजिस्ट और रोगी के बीच पारस्परिक विश्वास और भरोसे पर निर्भर होती है। इस मामले में, हमने इन रोगियों, दाताओं, और उनके संबंधित परिवारों के उस विश्वास का पूर्णतः सम्मान किया जो उन्होंने हम पर रखा था, जिससे हम जटिलताओं के कुशलतापूर्वक समाधान करते हुए सभी 8 सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न कर सके।"
ट्रांसप्लांट इम्यूनोलॉजी लैब और नेफ्रोलॉजी टीम द्वारा इम्यूनोलॉजिकल प्रोफाइलिंग के बाद सभी रोगी - दाता जोड़ों की व्यक्तिगत और सामूहिक काउंसिलिंग की गई। Aster MIMS Hospital की नैतिकता समिति ने सभी विवरणों की समीक्षा की और ट्रांसप्लांट टीम ने सभी मूल्यांकन किए, सर्जिकल योजना बनाई, जिसके आधार पर राज्य की जोनल ट्रांसप्लांट प्रमाणन समिति से मंजूरी प्राप्त की गई। इसके पश्चात अस्पताल प्रबंधन ने कार्यवाही की और ट्रांसप्लांट के दिन के लॉजिस्टिक्स की जिम्मेदारी संभाली।
चारों दाताओं और प्राप्तकर्ताओं को एक दिन पहले भर्ती किया गया, COVID 19 परीक्षण किए गए, और अगले दिन सुबह उन्हें ट्रांसप्लांट के लिए ले जाया गया। उस दिन दो ट्रांसप्लांट किए गए और दो उसके अगले दिन संपन्न किए गए। सभी दाता और प्राप्तकर्ताओं की सर्जरी में कोई जटिल समस्याएं उत्पन्न नहीं हुईं। सभी चारों प्राप्तकर्ताओं में सहज मूत्र उत्सर्जन पाया गया।
इसके पूर्व Aster MIMS कालीकट हॉस्पिटल ने एक 3-वे स्वैप किडनी ट्रांसप्लांट किया था, और केरल राज्य में किडनी ट्रांसप्लांट के इतिहास में एक कीर्तिमान बनाया था। इस फोर-वे स्वैप ट्रांसप्लांट ने अंग दान की प्रतीक्षा करने वाले रोगियों के लिए एक प्रभावी और व्यावहारिक समाधान उपलब्ध कराते हुए भारत में एक नया मानक स्थापित किया है।
Malabar Institute of Medical Sciences Ltd (M.I.M.S.) के बारे में
Malabar Institute of Medical Sciences Ltd (M.I.M.S.) जिसने अपना कामकाज 2001 में शुरू किया, यह एक प्रतिष्ठित स्वास्थ्य-उपक्रम है और मालाबार में एक अग्रणी स्वास्थ्यसेवा संस्थान है जो कि उत्तरी मालाबार में एकमात्र क्वाटर्नरी केयर सेंटर होने के साथ वैश्विक मानक वाली सम्पूर्ण स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं सुनिश्चित करता है। 600-बेड वाले इस मल्टीस्पेश्यलिटी अस्पताल को इसकी उत्कृष्ट चिकित्सकीय विशेषज्ञता, नर्सिंग केयर, और गुणवत्तापरक डायग्नोस्टिक सेवाओं के लिए जाना जाता है।
[1]NDTV रिपोर्ट: https://sites.ndtv.com/moretogive/life-on-a-waiting-list-where-india-stands-on-kidney-transplants-1176/
[2]KNOS वेबसाइट: http://knos.org.in/
[3]Times of India की रिपोर्ट: https://timesofindia.indiatimes.com/city/hyderabad/chronic-kidney-disease-may-be-5th-leading-cause-of-death-in-india-soon/articleshow/68405308.cms
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