मुम्बई, September 4, 2015 /PRNewswire/ --
भारत के पाँच लाख युवाओं ने केवल कैमरा लेकर सामाजिक परिवर्तन लाने के अपने प्रयास से देश को हिलाकर रख दिया। येस फाउंडेशन की एक अनोखी फिल्मनिर्माण की चुनौती, येस! आई एम द चेंज (हाँ! मैं परिवर्तन हूँ) (YIAC) ने प्रत्येक भारतीय को 3 मिनट की एक लघु फिल्म में सामाजिक मुद्दों को उठाने और इसका समाधान पेश करने का अवसर दिया।
(Photo: http://photos.prnewswire.com/prnh/20150902/10129483 )
YIAC 101-आउर सोशल फिल्ममेकिंग चैलेंज के प्रतिभागियों ने बच्चों के अधिकार, नारी सशक्तिकरण, वृद्ध लोगों की देखभाल, पर्यावरण के ररखरखाव आदि जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों पर फिल्म बनायी। 101 घंटे की चुनौती से जमीनी स्तर पर सामाजिक मुद्दों से युवाओं के सरोकार की बात खुलकर सामने आई और उन्हें सकारात्मक सामाजिक गतिविधियों में लगे असल जीवन के नायकों से मिलने का अवसर मिला।
YIAC 2015 की सबसे अच्छी फिल्मों को कुल मिलाकर 45 लाख रुपयों का पुरस्कार मिलेगा और ये फिल्में राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर दिखाई जाएँगी। ये लघु फिल्में चर्चा शुरू करने तथा सामाजिक परिवर्तनों में तेज़ी लाने के लिए गैर-लाभ-उद्देश्यों से प्राप्त अमूल्य संप्रेषण संसाधनों का एक खुला स्रोत हैं। इसके अतिरिक्त, सभी प्रतिभागी किसी सामाजिक उद्देश्य से लघु फिल्म बनाने की अनुमति प्राप्त करने हेतु आवेदन करने की अर्हता रखते हैं।
YIAC 2015 की सर्वश्रेष्ठ फिल्मों का चयन मीडिया, कॉरपोरेट, शिक्षा और विकास के क्षेत्रों से आए प्रसिद्ध हस्तियों की सदस्यता वाली हाई प्रोफ्राइल जूरी द्वारा की जाएगी; इसमें अन्य के अलावा सुश्री अनु आगा (सांसद और थर्मैक्स की पूर्व अध्यक्ष), श्री शिगेरू औयागी (यूनेस्को के निदेशक), श्री विकास बहल (क्वीन के निर्देशक), सुश्री ब्रूनी बुरेस (सनडांस इंस्टीट्यूट, यूएसए), श्री पाउल पावेल्स (निदेशक, यूरोपियन डॉक्युमेंट्री नेटवर्क, डेनमार्क), श्री जैको सिलियर्स (राष्ट्रीय निदेशक, यूएनडीपी इंडिया), श्री प्रसून जोशी (एडवर्टाइजिंग गुरू, कवि और गीतकार), सुश्री गुनीत मोंगा (लंच बॉक्स और गैंग्स ऑफ वासेपुर की निर्माता), श्री प्रीतीश नंदी (प्रसिद्ध पत्रकार, कवि और फिल्म निर्माता), श्री भरत पटेल (सदस्य, एक्ज़ीक्यूटिव कमिटी, वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ़ एडवर्टाइजिंग, ब्रुसेल्स) भी शामिल हैं।
हर गुजरते दिन के साथ, कई लोग इस महत्वपूर्ण सामाजिक अभियान से जुड़ रहे हैं, जिसमें भारत के कॉरपोरेट, गैर-लाभ-उद्देश्यों से काम करने वाले और शैक्षणिक संगठन जैसे आईबीएम, इन्फोसिस, गूगल, अशोक लीलैंड, महिंद्रा एंड महिंद्रा, मेक अ विश फाउंडेशन, रोटरी, रोटरैक्ट, मैजिक बस, एमआईसीए, आईआईएम तथा आईआईटी में काम करने वाले लोग शामिल हैं।
ओपन कैटगरी (2 से 6 अक्टूबर 2015) में फिल्मनिर्माण की चुनौती स्वीकार करने के लिए YIAC राष्ट्रीय अभियान में भाग लेने हेतु http://www.yesfoundation.in पर पंजीकरण करें। पंजीकरण की अंतिम तिथि 29 सितंबर है।
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