नई दिल्ली, October 4, 2016 /PRNewswire/ --
- बेरोजगारी का नामोनिशान मिटाने का एलान
- प्रशासनिक ढांचे में करेगी बडे परिवर्तन
नर्इ दिल्ली. परम्परागत राजनीति को दरकिनार कर देश में वर्षों से व्याप्त समस्याआें के समाधान के वादे के साथ यहां एक नए राजनीतिक दल ने आकार ग्रहण किया। दल नेशनल फ्रीडम पार्टी के नाम से जाना जाएगा। पार्टी के आगाज का एेलान करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रमोद तिवाडी ने उदघाटन भाषण में कहा कि नेशनल फ्रीडम पार्टी देश से बेरोजगारी का नामोनिशान मिटाने के साथ-साथ प्रशासनिक ढांचे में एेसे परिवर्तन करेगी जिससे देश की तमाम समस्याआें का अंत हो जाएगा।
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यहां कांस्टीटयूशन क्लब में आयोजित पार्टी के पहले अधिवेशन को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रमोद तिवाडी ने कहा कि राजनीतिक संक्रमण के इस काल में जिस नर्इ राजनीतिक पार्टी नेशनलफ्रीडम पार्टी का आज जन्म हो रहा है, वह हजारों साल से निरन्तर प्रगतिपथ पर चल रहे भारत को एक एेसी पटरी पर दौडाएगी जिसके प्रत्येकस्टेशन पर विकास के नए सोपान देखने को मिलेंगे। सदियाे से कर्ज केमकडजाल में उलझे किसानों को मुक्ति दिलाएगी। पढ लिखकर क्लर्क कीनौकरी के लिए मारे-मारे फिरने वाले नौजवानों को उनके अपने क्षेत्र मेंरोजगार, माताआें, बहनों पर बुरी नजर डालने वाले अपराधियों,दुराचारियों पर लगाम समेत वे तमाम कदम उठाएगी जिनसे देश में चहुंआेर सुख-शांति कायम हो। उन्होंने कहा कि पार्टी केन्द्र की सत्ता में आने के बाद रोजगार प्राप्त करने का अधिकार देगी आैर देश के बेरोजगारों की सही संख्या का पता लगाएगी।
उन्होंने साफ किया कि इस पार्टी का गठन इसलिए किया गया है क्योंकि देश में काम कर रहे राजनीतिक दलों ने शुरूआत से ही सत्ता प्राप्ति को हीअपना अभीष्ट बनाया आैर सत्ता मिल जाने के बाद उन तमाम सिद्घांतोंको ताक पर रख दिया जिनको मंत्र की उच्चारित करते हुए उन्होंने आमजनता का वोट हासिल किया। देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी केसाथ ही करीब ३६ साल से धर्म की आड में राजनीतिक शिकार कर रहे दलके अलावा भ्रष्टाचार के समूल नाश का जाप करते हुए जनता के समक्षअपराधियों का गिरोह साबित हो चुकी हाल ही गठित पार्टी के कार्यकलापइस बात का प्रमाण है कि देश को अब राजनीतिक दल की नहीं बल्कि समर्पित लोगों के एक एेसे समूह की आवश्यकता है जो चुनावी राजनीतिमें हिस्सा तो लेगा लेकिन इसके लिए किसी तरह के छुपे हुए एजेंडे परकाम नहीं करेगा। जनता की गाढी कमार्इ से हासिल टैक्सों से गुलछर्रे नहींउडाएगा। काम नहीं करने के बहाने नहीं ढूंढेगा आैर ना ही आरोप-प्रत्यारोपकी राजनीति करेगा।
पार्टी अध्यक्ष ने बताया कि नेशनल फ्रीडम पार्टी चुनावी राजनीति के जरिए जनता की अदालत में जनादेश के लिए जाएगी। पार्टी ने इसकी शुरूआत, पंजाब, गोवा, गुजरात, त्रिपुरा, उत्तरप्रदेश आैर उत्तराखंड से करने का निर्णय लिया है। पार्टी इन राज्यों में चुनाव लडकर जनता से जनादेश मांगेगी आैर उसके बाद २०१९ के लोकसभा चुनाव में देश की सभी सीटों पर चुनाव लडेगी। इसके लिए पार्टी ने प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी व गुजरात के प्रभारी प्रविन कंटारिया ने कहा कि पिछले कुछ सालों से गुजरात पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है, कभी उसकी चर्चा हिंसा को लेकर हुर्इ तो कभी वहां के विकास माडल का ढिंढोरा पीटा गया लेकिन गुजरात का यह चेहरा असली नहीं है। नेशनल फ्रीडम पार्टी ने तय किया है कि गुजरात के विधानसभा चुनावों में सिर्फ गुजराती मूल के युवाआें को जाति-धर्म देखे बिना टिकट दिए जाएंगे ताकि जनादेश हासिल कर वे गुजरात को उसकी मूल अस्मिता के साथ फिर से अपने पुराने स्वरूप में खडा कर सकें।
पार्टी के अभियान प्रभारी अमलान विश्वास ने कहा कि नेशनल फ्रीडम पार्टी देश को भ्रष्टाचार व कदाचार मुक्त कराने के लिए एेसे अभियान चलाएगी जिनके जरिए गरीबों तथा मजदूरों के साथ ही देश के युवा कदम से कदम मिलाकर पार्टी की सरकारों को ताकत देंगे। चुनाव अभियानों के अलावा पार्टी का अभियान प्रकोष्ठ देश की सडकों, अस्पतालों, परिवहन सुविधाआें समेत आम जन से जुडी उन तमाम सेवाआें को बेहतरीन बनाने के अभियान चलाएगा जो आम जनता से जुडे हुए हैं।
नेशनल फ्रीडम पार्टी के इस पहले अधिवेशन में देश के विभिन्न हिस्सों से आए कार्यकर्ताआें ने बडी संख्या में हिस्सा लिया।
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