नई दिल्ली, August 13,2018 /PRNewswire/ --
कुसुमांजलि फांउडेशन, नई दिल्ली गत 7 वर्षो से कुसुमांजलि साहित्य सम्मान विजेताओं का आदर सम्मान करती रही है। कुसुमांजलि फाउंडेशन के इस वर्ष के कुसुमांजलि साहित्य सम्मान हिन्दी एवं असमी भाषा में दिये गए हैं।
(Photo: https://mma.prnewswire.com/media/729238/Kusumanjali_Sahitya_Samman_2018.jpg )
नीदरलैंड से आई प्रवासी भारतीय सुश्री प्रो. (डॉ.)पुष्पिता अवस्थी को उनके उपन्यास 'छिन्नमूल' के लिए हिन्दी भाषा में कुसुमांजलि साहित्य सम्मान 2018 हेतु चयनित किया गया।
डॉ. प्रणव ज्योति डेका को असमी भाषा में उनके कहानी संग्रह 'बेवारिस लाल अरू अन्य गल्प' हेतु कुसुमांजलि साहित्य सम्मान 2018 के लिए चयनित किया गया।
सम्मान अर्पण समारोह, 9 अगस्त, गुरूवार को शाम 6.30 बजे, इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (मल्टी परपज हॉल) नई दिल्ली में आयोजित किया गया था।
प्रख्यात पत्रकार श्री मार्कटुली (पद्मश्री एवं पद्मभूषण) से सम्मानित एवं कुसुमांजलि फाउंडेशन के गवर्निग बोर्ड के अध्यक्ष प्रो. इन्द्रनाथ चैधरी समारोह के मुख्य वक्ता थे जिन्होंने संयुक्त रूप् से कुसुमांजलि साहित्य सम्मान अर्पित किया। सम्मान प्राप्तकर्ताओं की फोटो एवं जीवनवृत्त संलग्न है।
कुसुमांजलि साहित्य सम्मान के अंतर्गत 2.50 लाख की धनराशि, प्रशस्ति पत्र, शॉल एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किए जाते है। इस सम्मान की स्थापना 2011 में प्रख्यात लेखिका श्रीमती कुसुम अंसल द्वारा देश में साहित्यिक, कलात्मक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने हेतु की गयी थी।
कुसुमांजलि फाउंडेशन को असंल ए.पी. आई द्वारा सहयोग मिलता है। फाउंडेशन द्वारा 2011 से हर वर्ष सर्वश्रेष्ठ साहित्यिक कृति के लिए दो राष्ट्रीय सम्मान दिये जाते है। साहित्यिक कृति के अंतर्गत कविता, कहानी, उपन्यास, नाटक जैसी विधाओं पर विचार किया जाता है। एक सम्मान हिंदी की साहित्यिक कृति के लिए तथा दूसरा हिंदी के अतिरिक्त भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित अन्य भारतीय भाषा के लिए दिया जाता है।
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