New Development Bank के सेमिनार में भारत के सतत ऊर्जा परिवर्तन के वित्तपोषण के तरीकों पर चर्चा की गई
मुंबई, भारत, 28 नवंबर, 2025 /PRNewswire/ -- New Development Bank (NDB) ने भारत के सतत ऊर्जा परिवर्तन के वित्तपोषण हेतु रणनीतियों का पता लगाने के लिए मुंबई में एक उच्च-स्तरीय सेमिनार का आयोजन किया है।
इस इवेंट में नीति-निर्माताओं, वित्तपोषकों, उद्योग जगत के अग्रणीयों और विशेषज्ञों ने नवीन वित्तपोषण क्रियाविधियों, उभरती स्वच्छ ऊर्जा टेक्नोलॉजियों और निम्न-कार्बन ऊर्जा सिस्टमों में बदलाव को गति देने में बहुपक्षीय विकास बैंकों की भूमिका पर चर्चा की है।
अन्य उभरती मार्केटों की तरह भारत को भी बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने तथा कार्बन उत्सर्जन को कम करने की दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। सेमिनार में देश के जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने और लचीले आर्थिक विकास को समर्थन देने के लिए सौर, पवन, हरित हाइड्रोजन, बैटरी स्टोरेज और स्मार्ट ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर में पर्याप्त निवेश की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
अपने प्रारंभिक भाषण में, Dr. Rajiv Ranjan, NDB के उपाध्यक्ष और मुख्य जोखिम अधिकारी. ने कहा, "भारत ने 2030 के लक्ष्य से पहले ही 50% गैर-जीवाश्म ईंधन बिजली क्षमता प्राप्त कर ली है। NDB में, हम अपने वित्तपोषण का 40% जलवायु परियोजनाओं के लिए और 30% स्थानीय मुद्राओं में आवंटित करने के अपने रणनीतिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए सही रास्ते पर हैं, जैसा कि बैंक की रणनीति (2022-2026) में उल्लिखित है। अपनी 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर, हम नवाचार, साझेदारियों और स्थानीय मुद्रा वित्तपोषण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि करते हैं।"
Mr. Gurdeep Singh NTPC Limited के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने इस बात पर जोर दिया कि भारत के ऊर्जा परिवर्तन के लिए प्रतिस्पर्धी वित्तपोषण महत्वपूर्ण है। उन्होंने NTPC के नवीकरणीय, जलविद्युत और परमाणु ऊर्जा पर केंद्रित एक एकीकृत ऊर्जा कंपनी के रूप में विकास को रेखांकित किया है। उन्होंने ऊर्जा मिश्रण में विविधता लाने, कुशल टेक्नोलॉजियों को अपनाने तथा नवीन समाधानों को अपनाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला है।
भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करते हुए, Dr. Prasanna V. Salian, वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के निदेशक, ने नेट-जीरो 2070 लक्ष्य के अंतर्गत न्यायसंगत और किफायती स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया है। भारत सरकार की विभिन्न प्रमुख पहलों का संदर्भ देते हुए उन्होंने संसाधन जुटाने, कम लागत वाली टेक्नोलॉजी हस्तांतरण को सक्षम बनाने और जलवायु-स्मार्ट निवेशों को बढ़ावा देने में NDB जैसे बहुपक्षीय विकास बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया है।
सेमिनार में यह माना गया है कि भारत और अन्य विकासशील देशों में सफल ऊर्जा परिवर्तन के लिए समन्वित प्रयास, तकनीकी नवाचार, उन्नत वित्तपोषण समाधान, दीर्घकालिक नीति स्पष्टता और विश्वास पर आधारित मजबूत, सहयोगात्मक साझेदारी की आवश्यकता होती है।
इस इवेंट ने अपने सदस्य देशों में आत्मनिर्भर, टिकाऊ और समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए NDB की प्रतिबद्धता की पुष्टि की है।
NDB का परिचय
ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका (जिन्हें सामूहिक रूप से BRICS कहा जाता है) द्वारा 2015 में स्थापित, New Development Bank पूरे BRICS और अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं में इंफ्रास्ट्रक्चर और सतत विकास परियोजनाओं के लिए संसाधन जुटाता है। NDB ने स्वच्छ ऊर्जा, परिवहन, जल एवं स्वच्छता, तथा डिजिटल एवं सामाजिक इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी 120 परियोजनाओं के लिए USD 40 बिलियन के वित्तपोषण को स्वीकृति दी है। बैंक को Standard & Poor's द्वारा AA+, Fitch Ratings द्वारा AA, तथा Japan Credit Rating Agency द्वारा AAA रेटिंग दी गई है, तथा सभी रेटिंग्स का एक स्थिर दृष्टिकोण है। अधिक जानकारी के लिए, www.ndb.int पर जाएँ।
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