हैदराबाद, भारत, September 1, 2017 /PRNewswire/ --
ग्रामीण स्वास्थ्य-सेवा सुलभ बनाने के लिए वर्चुअल 'इन-क्लीनिक' अनुभव
सोना और चांदी नहीं, बल्कि स्वास्थ्य ही असली धन होता है - महात्मा गांधी
पिछले 70 वर्षों में प्राथमिक स्वास्थ्य-सेवा डिलीवरी के मामले में निरंतर सुधार हुआ है लेकिन ग्रामीण इलाकों में सबसे निचले स्तर की बड़ी जनसंख्या के लिए इसे सुलभ और सस्ती स्वास्थ्य-सेवा बनाने के लिहाज से ये प्रयास अपर्याप्त रहे हैं। रोगियों को न केवल एक दिन की मज़दूरी खोनी पड़ती है, बल्कि किसी सुयोग्य डॉक्टर तक पहुंचने के लिए उन्हें जो कठिनाई उठानी पड़ती है, वह उनके लिए आर्थिक के साथ-साथ कुछ मामलों में शारीरिक रूप से भी घातक सिद्ध होती है। 98% डॉक्टर अर्ध-नगरीय या नगरीय इलाकों में रहते हैं जिस कारण से 45% ग्रामीण जनसंख्या को किसी नगर-केंद्रित स्वास्थ्य-सेवा इकाई में मौजूद किसी सुयोग्य डॉक्टर तक पहुंचने के लिए 7-28 किलोमीटर तक की दूरियां तय करनी पड़ती हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य-सेवा को सबकी पहुंच में लाने की दिशा में यह बड़ी कमी है जिसे दूर करना बहुत आवश्यक है, जिससे भारत के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लाखों-करोड़ों लोगों को उन बुनियादी बीमारियों से बचाव में मदद मिलेगी, जिनका इलाज संभव है।
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Tarun Bhargava, सह-संस्थापक और तकनीकी सलाहकार, ने बताया कि "Healthkon सूचना और संचार तकनीकों (आईटीसी) को एक पुरस्कृत ASHA+ मल्टी वाइटल्स मॉनीटरिंग उपकरण, जिसे रोगी के स्थान पर उपलब्ध कराया जाता है, से जो़ड़ते हुए दूर से ही एक 'इन-क्लीनिक' अनुभव सृजित करती है। यह समाधान, डॉक्टर, तथा सुदूर गांव में रहने वाले व्यक्ति के बीच तीन आसान चरणों में सार्थक संवाद संभव बनाता है - पहला, पिछला मेडिकल इतिहास प्राप्त करना, दूसरा, वर्तमान शारीरिक दशा की जांच करना और तीसरा, एचडी गुणवत्ता वाले वीडियो संवाद का उपयोग करते हुए परामर्श देना, जिसके लिए बहुत कम बैंडविड्थ की ज़रूरत होती है जो कि इस समय उपलब्ध ग्रामीण कनेक्टिविटी सुविधाओं के एकदम अनुकूल है। इस संवाद से परामर्श और अनुवर्तन (फॉलो-अप) उपचार का चक्र पूरा करने में मदद मिलती है।"
Pranay Garg, संस्थापक और प्रबंध निदेशक ने कहा कि, "जमीनी स्तर से ऊपर की ओर बढ़ने का तरीका अपनाते हुए, जो कि पूरे स्वास्थ्य-सेवा तंत्र को जोड़ता है, प्राथमिक स्वास्थ्य-सेवा डिलीवरी को सरल बनाना एक कंपनी के रूप में Healthkon की सोच है।" यह समाधान, उप-केंद्रों (एससी) जो कि वर्तमान सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र में सबसे परिधि पर स्थित संपर्क बिंदु हैं, को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) जहां सुयोग्य डॉक्टर होते हैं, से जोड़ता है। एससी प्रायः मैदानों में 5000 और पहाड़ों पर 3000 की जनसंख्या के लिए होता है। मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार, पीएचसी के अंतर्गत पांच तक एससी होते हैं, जिससे उसके दायरे में 20-30,000 की ग्रामीण जनसंख्या आती है। एससी को पीएचसी या अन्य केंद्रों से जोड़कर, जहां डॉक्टर उपलब्ध हों, Healthkon का प्लेटफॉर्म ग्रामवासियों को बुनियादी स्वास्थ्य-सेवा उपलब्ध कराता है और उन्हें कई किलोमीटर दूर स्थित पीएचसी तक चलकर जाने को मज़बूर नहीं होना पड़ता।
Pranay ने उत्साहित करने वाली जानकारी देते हुए बताया कि ASHA+ डिवाइसों से एकीकृत Healthkon टेलीमेडिसिन प्लेटफॉर्म को वर्तमान में मराठवाड़ा, महाराष्ट्र में औरंगाबाद तहसील में 25,000 से अधिक ग्रामीणों को कवर करने वाले पांच उप केंद्रों में प्रयोग किया जा रहा है। Seth Nandlal Dhoot Hospital ने महाराष्ट्र सरकार से एक पीपीपी समझौते के तहत इन केंद्रों के लिए मेडिकल कवर उपलब्ध कराने वाले केंद्र के रूप में कार्य करने की जिम्मेदारी ली है।
Pratibha Healthkon Private Limited के बारे में:
Pratibha Healthkon एक सोशल इम्पैक्ट स्टार्टअप है जिसे नवम्बर 2015 में स्थापित किया गया। इसे NASSCOM 10000 वेयरहाउस द्वारा इन्क्यूबेटेड किया गया और यह टी-हब, हैदराबाद में स्थित है। इस प्रोजेक्ट को Microsoft Bizpark+ प्रोग्राम के लिए चुना गया जिसके तहत इसे मौजूदा पेशकश विकसित करने व व्यापक बनाने के लिए $120,000 क्लाउड क्रेडिट्स प्रदान किए गए।
अधिक जानकारी के लिए देखें: www.healthkon.com
मीडिया संपर्क:
Pranay Garg
Founder & Managing Director
Pratibha Healthkon Private Limited
[email protected]
+91-9849178217
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