Womennovator ने 'चीनी कम (Cheeni Kum)' कॉन्फ्रेन्स का आयोजन किया, आपदा को अवसर में बदलने के लिए वरिष्ठ केंद्रीय RSS नेता द्वारा उद्यमियों को प्रोत्साहन
नई दिल्ली, 14 जुलाई, 2020 /PRNewswire/ -- चीन-भारत के बीच सीमा पर तनाव से प्रेरित चीन विरोधी भावनाओं, तथा आयात घटाने की नीति पर किए जा रहे विचार, और विश्व के एक घातक महामारी से प्रभावित होने के साथ, भारत की इस आपदा को अवसर में बदलने और आत्मनिर्भर बनकर अपनी स्थिति मज़बूत करने की योजना है।
आत्मनिर्भर भारत के विज़न पर आगे बढ़ते हुए Womennovator (Gvriksh) ने 12 जुलाई को 7 PM पर 'व्हाय से नो टु चाइना, चीनी कम (Cheeni Kum): चाइनीज फ्री इंडिया मूवमेंट' पर एक इंटरएक्टिव वेबिनार का आयोजन किया।
इस कार्यक्रम में Shri Satish Kumar, वरिष्ठ केंद्रीय RSS नेता और संयोजक, वैचारिक विभाग, Swadesh Jagran Manch की गरिमामयी उपस्थिति रही।
Mrs Tripti Somani, Womennovator की संस्थापक, ने चाइनीज उत्पादों को प्रतिबंधित किए जाने पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि, "जब भी चाइनीज उत्पादों का त्याग करने की बात हो, तो इस पर ठोस तरीके से विचार किया जाना चाहिए।"
गौरवान्वित भारतीयों के रूप में लोग प्रायः सोचते हैं कि वे किस तरह से इस आंदोलन का भाग बन सकते हैं और सीमा पर हमारे जवानों के प्रयासों में योगदान कर सकते हैं। Mrs. Somani के अनुसार, "शुरुआत करने वालों को, आस-पास उपलब्ध सभी चीज़ों को लेकर जागरूक होना होगा और आपकी दैनिक खपत की चीज़ों से लेकर घरेलू वस्तुओं तक हर चीज़ की जांच करना एक समय लेने वाली प्रक्रिया है। इसके अलावा, कोई उत्पाद प्राप्त करते समय यह जांच करना कि वह चाइनीज़ है कि नहीं, मुश्किलों को और बढ़ाता है।"
सरकार से अनुरोध करते हुए, Mrs. Somani ने कहा कि, "अगर सभी आयातित वस्तुओं, खासकर चीन से आयात की गई वस्तुओं के नामों की एक सूची सार्वजनिक की जा सके, जो कि उनकी राय में कठिन नहीं है, तो यह कदम आम आदमी के लिए काफी मददगार साबित होगा क्योंकि देश में आने और देश से जाने वाली सभी चीज़ों का पत्तनों पर डाटाबेस पहले से ही तैयार किया जाता है।"
सम्मानित अतिथि Shri Satish Kumar, वरिष्ठ केंद्रीय RSS नेता, ने बताया कि डोकलाम मुद्दे से पहले, Swadeshi Jagran Manch ने Swadeshi Rashtriya Suraksha Abhiyan 2017 में चलाया था जो भारत-चीन व्यापार घाटे पर केंद्रित था। रोजगार का अभाव इसका परिणाम है। वर्तमान में, पूरे विश्व में चीन विरोधी भावनाएं प्रबल हो रही हैं। गलवान में हमारे 20 वीर जवानों की शहादत ने समस्या को और गंभीर बना दिया है। इससे हमें चीन से व्यापार बंद करने के और भी कारण मिल गए हैं।
"हमें केवल चीनी कम (Cheeni Kum) ही नहीं, बल्कि चीनी बंद भी करना होगा," ऐसा उन्होंने बताया।
आयोजन में एक प्रमुख वक्ता Major (Gen) G. D. Bakshi, ने कहा कि, "खासतौर से, अरूणाचल, लेह और सिक्किम में भारतीय सीमा में चीनी सेना की लगातार घुसपैठ के बाद हम ड्रैगन पर भरोसा नहीं कर सकते। लद्दाख में गलवान घाटी सबसे ताज़ा उदाहरण है। वर्तमान स्थितियों में, भारतीय बलों को दुश्मनों पर बढ़त हासिल है। लेकिन उसके अलावा आर्थिक बहिष्कार भी ज़रूरी है। गलवान, चीन से व्यापार रोकने की एकमात्र वजह नहीं होनी चाहिए, हमें यह इसके बावजूद करना चाहिए। वे हमसे मुनाफे कमाते हैं, हमारी नौकरियां छीनते हैं, चाइनीज़ माल के कारण भारत में छोटे पैमाने के बहुत सारे उद्योग धंधे बंद होते जा रहे हैं और ऐसा प्रतिकार ज़रूरी है। और अब जबकि सरकार अपना इरादा जाहिर कर रही है, ऐसे में भारत के नागरिकों के रूप में हमें चाइनीज़ माल में कटौती करते हुए देशहित में सहयोग के लिए आगे आना चाहिए।"
Srikanth Kondapalli, प्रोफेसर, Jawaharlal Nehru University ने बताया कि भारत से चीन का व्यापार, निवेश और बाज़ार गतिविधियां, हाल ही में तीक्ष्ण निगाहों का केंद्र बन गई हैं।
"1988 की नीति के कारण हमने सीमा संबंधी विवाद हल करने के बजाय अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंध विकसित किए लेकिन यह व्यापार चीन के पक्ष में पनपा। हर वर्ष भारत से $50 से 60 बिलियन का व्यापार चीन के पक्ष में होता है। दूसरी बात, चीन ने नॉन-टैरिफ बैरियरों द्वारा भारत से व्यापारिक आयात प्रतिबंधित किए हैं। बिजली क्षेत्र के संदर्भ में, हमारी ज़रूरतें हैं, अगर हमें GDP वृद्धि दर के लगभग (7 - 8) प्रतिशत की दर से विकसित होना है, तो हमें 1,30,000 मेगा वॉट की स्थापित क्षमता की ज़रूरत होगी। चीन 40,000 मेगावॉट की सप्लाई कर रहा है। BHEL और अन्य कंपनियां, हमारी वर्तमान मांग पूरी कर पाने की स्थिति में नहीं हैं। अगर हम Mitsubishi और Siemens को देखें, तो लागत कुछ अधिक होगी। दूसरे, हमारे यहां हमारी फार्मास्यूटिकल कंपनियों के लिए, लगभग 85% API (Active Pharmaceuticals Ingredients) की उच्च निर्भरता है।" ऐसा Kondapalli ने बताया।
पूरा वेबिनार यहां देखा जा सकता है: https://youtu.be/xm5QsrwUeGE
Womennovator के बारे में:
महिला उद्यमियों के लिए, या ऐसी महिलाओं के लिए जिनके पास असाधारण विचार हैं और जो विकसित होने के लिए एक प्लेटफार्म चाहती हैं, एक वर्चुअल इन्क्यूबेटर बनाने का उद्देश्य ध्यान में रखते हुए महिलाओं के लिए वर्चुअल इन्क्यूबेटर Womennovator की शुरुआत वर्ष 2014 में हुई। इस पहल का लक्ष्य स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं के विकास हेतु महिला उद्यमियों की मदद करना है, जिसके लिए उन्हें व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और नेटवर्किंग के साथ घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नए राजस्व अनुबंधों का लाभ दिया जाता है, इसके लिए औद्योगिक लीडरों से बातचीत, दूतावासों से संपर्क, एक्सक्लूसिव YouTube चैनल पर उनकी कहानी प्रसारित करते हुए मीडिया टेक (डिजिटल और प्रिंट) तथा देश भर में पूंजी और सरकारी योजनाओं तक पहुंच आदि तरीके अपनाए जाते हैं। Womennovator पूरे भारत में और विश्वस्तर पर 120 से अधिक स्मार्ट शहरों और 91 सेक्टरों में व्यापक प्रभाव उत्पन्न कर रहा है।
मीडिया संपर्क:
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प्रेसिडेंट
Womennovator
फोटो: https://mma.prnewswire.com/media/1213400/Womennovator_Cheeni_Kum_Conference.jpg
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