जहाँ एक ओर ZLD (ज़ीरो लिक्विड डिस्चार्ज) तकनीक को सबसे पहले अपनाने वाली कंपनियाँ अपने ऑपरेशन्स में अधिक स्थिरता और मजबूती देख रही हैं, वहीं दूसरी ओर स्प्रे इंजीनियरिंग डिवाइसेज़ (SED) राजस्थान के टेक्सटाइल सेक्टर में स्वच्छ और टिकाऊ वॉटर मैनेजमेंट सॉल्यूशन्स प्रदान करने वाले एक विश्वसनीय भागीदार (Trusted Partner) के रूप में सामने आ रहा है।
मोहाली, भारत, 27 जून, 2026 /PRNewswire/ -- राजस्थान के प्रमुख टेक्सटाइल प्रोसेसिंग केंद्रों—पाली, बालोतरा और जोधपुर—में जल प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पर्यावरणीय नियमों के सख्त होने और अपशिष्ट जल के पुनः उपयोग पर बढ़ते जोर के कारण कपड़ा उद्योग अब अपने जल प्रबंधन के तरीकों में व्यापक बदलाव कर रहे हैं।
क्षेत्र के कई उद्योग पारंपरिक अपशिष्ट जल उपचार प्रणालियों के बजाय दीर्घकालिक और टिकाऊ समाधानों की ओर बढ़ रहे हैं, ताकि वे न केवल पर्यावरणीय मानकों का पालन कर सकें, बल्कि भविष्य में अपने संचालन को भी सुरक्षित और निरंतर बनाए रख सकें।
पाली के कई अग्रणी कपड़ा उद्योगों ने लगभग छह वर्ष पहले ही स्प्रे इंजीनियरिंग डिवाइसेज लिमिटेड (SED) की पेटेंटेड एमवीआर-आधारित लो टेम्परेचर इवैपोरेटर (LTE®) तकनीक को अपनाया था। इन इकाइयों ने अपशिष्ट जल के उपचार, पुनर्प्राप्ति और पुनः उपयोग के माध्यम से यह साबित किया है कि उन्नत जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) तकनीक न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक है, बल्कि उद्योगों की दीर्घकालिक स्थिरता और संचालन क्षमता को भी मजबूत बनाती है।
अब यह परिवर्तन केवल पाली तक सीमित नहीं है। पाली, बालोतरा और जोधपुर के कपड़ा उद्योग तेजी से ZLD अवसंरचना में निवेश कर रहे हैं। इसी क्रम में स्प्रे इंजीनियरिंग डिवाइसेज लिमिटेड (SED) को इन क्षेत्रों की 19 टेक्सटाइल प्रोसेसिंग इकाइयों से नए ZLD सिस्टम स्थापित करने के ऑर्डर प्राप्त हुए हैं, जिनकी कुल उपचार क्षमता 3,700 केएलडी (किलोलीटर प्रतिदिन) से अधिक है। इसके अतिरिक्त, 15 से अधिक अन्य इकाइयों के साथ भी इस प्रकार की परियोजनाओं पर चर्चा जारी है।
यह बदलाव केवल नई तकनीक अपनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि जल-आधारित उद्योग अब पर्यावरणीय अनुपालन को व्यवसाय की निरंतरता, संसाधन सुरक्षा और दीर्घकालिक विकास से जोड़कर देख रहे हैं।
SED के निदेशक विमर्श वर्मा ने कहा, "राजस्थान के कपड़ा उद्योग में हम एक महत्वपूर्ण बदलाव देख रहे हैं। उद्योग अब केवल नियमों का पालन करने के लिए नहीं, बल्कि अपने भविष्य को सुरक्षित और टिकाऊ बनाने के लिए दीर्घकालिक जल प्रबंधन समाधानों को अपना रहे हैं। प्रारंभिक स्तर पर ZLD तकनीक अपनाने वाले उद्योगों का अनुभव बताता है कि समय पर किया गया निवेश व्यवसाय की निरंतरता और जिम्मेदार औद्योगिक विकास दोनों को मजबूत करता है।"
एमवीआर-आधारित ZLD प्रणालियां उद्योगों को अपशिष्ट जल को पुनः उपयोग करने, ताजे पानी पर निर्भरता कम करने और तरल अपशिष्ट उत्सर्जन को लगभग समाप्त करने में मदद करती हैं। इससे उद्योग पर्यावरणीय जिम्मेदारी और आर्थिक विकास के बीच बेहतर संतुलन स्थापित कर पाते हैं।
पाली, बालोतरा और जोधपुर में दिखाई दे रहा यह बदलाव भारत के टेक्सटाइल उद्योग में उभर रहे एक बड़े परिवर्तन का संकेत है। जल संरक्षण, पर्यावरणीय नियमों और टिकाऊ विकास की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए, आने वाले समय में उन्नत अपशिष्ट जल पुनर्प्राप्ति और ZLD तकनीकें उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मकता और दीर्घकालिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
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