मुंबई, April 19, 2017 /PRNewswire/ --
महानगरों में अफोर्डेबल हाऊसिंग का ट्रेन्ड तेजी से बदल रहा है. एक आकलन के अनुसार 2022 तक 90 लाख मकानों की अतिरिक्त जरूरत है. बढ़ता शहरीकरण, जनसंख्या वृद्धि और एवरेज फ्लैट साइज आदि ऐसे कारण हैं जिनसे अफोर्डेबल मकानों की डिमांड बढ़ रही है. उपरोक्त मांग की वजह से रियल इस्टेट सेक्टर 2020 तक प्रति वर्ष 11.2 फीसदी की औसत वृद्धि के साथ अग्रसर है.
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सरकार की सकारात्मक नीतियों के कारण रियल इस्टेट क्षेत्र में अफोर्डेबल हाऊसिंग सेग्मेंट को बड़ा प्रोत्साहन मिल रहा है.प्रधानमंत्री आवास योजना(PMAY) द्वारा 60 वर्गमीटर से कम क्षेत्रफल वाले मकानों की खरीद पर ग्राहकों को दी जा रही 2.40 लाख की सब्सिडी अफोर्डेबल हाऊसिंग की सप्लाई को बढ़ाने में मददगार बन रही है. वहीं 'एक्जार्बिया' अफोर्डेबल बजट होम्स की जरूरतों को पूरा करने वाली रियल इस्टेट क्षेत्र की अग्रणी कंपनी बनकर उभर रही है.
मुंबई महानगर और पुणे रीजन में अफोर्डेबल हाऊसिंग क्षेत्र की नामचीन कंपनी एक्जार्बिया ने विगत वर्ष 2016 में अकेले 3776 ऐसे मकानों की सफल डिलीवरी की जो पीएमआवास योजना के जरिए ग्राहकों के लिए लाभदायक रहे. एक्जार्बिया ने वर्ष 2017 के अंत तक 100 करोड़ की बिक्री का लक्ष्य रखा है. पिछले 3 महीने में 8776 मकानों की बिक्री को देखते हुए एक्जार्बिया ने जारी वर्ष में 50 हजार अफोर्डेबल हाऊस बनाने 24 नए प्रोजेक्ट्स को लांच करने की तैयारी में है, जिनके जरिए 10 हजार करोड़ के कारोबार की संभावना है.
एक्जार्बिया ऐसे ग्राहकों के लिए 'नो इनकम प्रूफ योजना' लाने वाली है, जो बैंकों द्वारा लोन नहीं मिलने के कारण अपना आशियाना नहीं खरीद पाते. इस योजना में कुल 20 वित्तीय संस्थाएं शामिल हैं जिनके पास ग्राहक बिना इन्कम प्रूफ के भी फाइनेंस के लिए आवेदन कर सकेंगे. ऐसे में भारत में अपना घर खरीदने की चाहत रखने वालों को बड़ा अवसर मिलने वाला है.
देश के 40 शहरों में क्रियान्वित और रियल इस्टेट क्षेत्र का विश्लेषण करने वाली नामचीन कंपनी 'प्रॉप इक्विटी' की हालिया रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार ''25 लाख से कम कीमतों वाले अफोर्डेबल हाऊसिंग सिग्मेंट में एक्जार्बिया'' देश की अग्रणी कंपनी के रुप में तेजी से उभरी है. अप्रैल 2016 से दिसंबर 2016 के बीच 2900 अपार्टमेंट्स की ग्राहकों के बीच संतोषप्रद बिक्री इसका सबसे बड़ा सबूत है.
मुंबई महानगर और पुणे परिक्षेत्र के तमाम शहरी इलाकों में 20 लाख से कम कीमत वाले मकानों की डिमांड बहुतायत है लेकिन स्थापित रियल इस्टेट प्रदाता और विकासक भी इस सप्लाई को पूरा करने में कमतर साबित हो रहे हैं. आकलन के अनुसार 100 फीसदी सप्लाई की जगह वर्तमान में केवल 35 प्रतिशत मकानों की ही सप्लाई हो पा रही है, जबकि अधिकांश ग्राहक आज भी मनचाहे बजट वाले मकानों की राह ताक रहे हैं
वर्ष 2020 तक जहां 90 लाख अतिरिक्त घरों की डिमांड जोर पकड़ रही है, ऐसे दौर में अफोर्डेबल हाऊसिंग सेक्टर ही इन्हें पूरा करने का मुख्य आधार बनेगा. अफोर्डेबल हाऊसिंग के बढ़ते बाजार के मद्दे नजर ही अब अन्य डेव्लपर्स भी अब इस सिग्मेंट में आगे आ रहे हैं, जो सप्लाई में सामान्य ईजाफा का जरिया बन रहा है. बहरहाल एक्जार्बिया का मानना है कि विकासकों को ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए हाऊसिंग फाइनेंस में फ्लेक्सिबिलिटी और इन्टीग्रेटेड इन्फ्रास्ट्रक्चर को पूरा करने के लक्ष्य के साथ काम करना होगा, ताकि ग्राहकों को उनका आशियाना खरीदना सुविधाजनक हो.
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