भुवनेश्वर, भारत, October 26, 2017 /PRNewswire/ --
ओडिशा की जनता को गौरवान्वित और आनंदित करते हुए, Kalinga Institute of Social Sciences (KISS) की Sumitra Nayak (17) को नौ अन्य लोगों के साथ प्रतिष्ठित 2017 इंटरनेशनल चिल्ड्रेन्स पीस पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया है। 2017 के लिए नामांकित किए गए लोग नए परिवर्तन के वाहक बनने के गुणों वाले हैं।
(Photo: http://mma.prnewswire.com/media/590224/Sumitra_Nayak.jpg )
KISS की एक रग्बी खिलाड़ी Sumitra को किसी भी कठिनाई के प्रति उसके अडिग नज़रिए के लिए नामांकित किया गया है। अपने रास्ते में आई अनेक कठिनाईयों के बावजूद उसने खुद को विचलित नहीं होने दिया और दूसरों के लिए एक रोल मॉडल बनकर उभरी। उसे पिछले साल पुणे में एक टेड टॉक के लिए बुलाया गया था, जहां उसने 'स्वप्नदर्शी, उपलब्धि हासिल करने वाली, और नए रुझान स्थापित करने वाली' के रूप में भाग लिया।
उसका जन्म ओडिशा के जाजपुर जिले में हुआ और ऐसी घोर गरीबी में उसे जीवनयापन करना पड़ा जहां दो वक्त की रोटी भी जुटाना मुश्किल था। उसके पिता शराब के आदी थे, जो प्रायः घर देर से आते और उसकी मां के साथ मानसिक और शारीरिक दुर्व्यवहार करते। जब Sumitra की मां के लिए यह सब असहनीय हो गया तो वे Sumitra के साथ भुवनेश्वर चली गईं, जो तब केवल चार साल की थी।
कोई उपयुक्त नौकरी न ढूंढ पाने की वजह से Sumitra की मां Gayatri को अपने बच्चों का पालन-पोषण करने के लिए घरेलू आया/कामवाली के रूप में थका देने वाला काम करना पड़ा। ऐसे ही एक घर में काम करने के दौरान Gayatri को प्रो. Achyuta Samanta द्वारा स्थापित KISS के बारे में पता चला, और उन्होंने 2008 में Sumitra का नामांकन करा दिया।
Sumitra अपने मित्रों की देखा-देखी एक 'अजीब खेल' की ओर स्वतः ही आकर्षित हो गई, जो 'रग्बी' कहलाता था, और जल्दी ही उसने इस खेल को अपना लिया और 2009 में प्रैक्टिस शुरू कर दी। 2012 में उसने पहला राज्य स्तरीय मैच खेला। दो साल बाद उसने U-13 महिलाओं के रग्बी वर्ल्ड कप में और इसके बाद नेशनल चैम्पियनशिप में और फिर नेशनल स्कूल गेम्स में भाग लिया। पिछले साल दुबई में आयोजित एशियन गर्ल्स रग्बी सेवेन्स (U-18) में कांस्य पदक जीतकर अपनी टीम की मदद की। प्रथम वर्ष ग्रेजुएशन की छात्रा Sumitra ने लंदन में टूर-ऐड अंडर 13 गर्ल्स इंटरनेशनल रग्बी टूर्नामेन्ट में अपने जूनियर्स को प्रशिक्षित किया है जहां उन्होंने विजय के लिए अपनी टीम का नेतृत्व किया।
इंटरनेशनल चिल्ड्रेन्स पीस प्राइज के लिए अपने नामांकन पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, आनंदित Sumitra ने कहा कि, "यह जानकर मुझे अत्यधिक प्रसन्नता हुई है। हालांकि इसका पूरा श्रेय Samanta सर को जाता है जिन्होंने मेरा जीवन ही बदल दिया।" इस दौरान, KIIT और KISS के संस्थापक प्रो. Achyuta Samanta ने इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए Sumitra के नामांकन पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए उसे बधाई दी कि उसने अपने राज्य और विशेषकर KISS को अपनी असाधारण उपलब्धि से अत्यधिक गौरवान्वित किया है।
किड्स राइट्स फाउंडेशन 4 दिसम्बर, 2017 को इंटरनेशनल चिल्ड्रेन्स पीस पुरस्कार 2017 प्रदान करेगा। वास्तव में, यह पुरस्कार हर साल ऐसे बच्चे को दिया जाता है जिसने बाल अधिकारों के लिए साहसपूर्वक संघर्ष किया हो। इस पुरस्कार की स्थापना किड्स राइट्स (Kids Rights) द्वारा की गई जो बच्चों के साथ मिलकर ऐसे विश्व की रचना के लिए प्रयासरत है जहां उनके अधिकारों की गारंटी हो और वे अपनी अधिकतम क्षमताओं से विकसित होने के मौके हासिल कर सकें।
अधिक जानकारी के लिए देखें: https://kiss.ac.in/.
मीडिया संपर्क:
Shradhanjali Nayak
[email protected]
+91-9437020240
Director, PR, KIIT University
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